छोटी छोटी कहानियां
गर्मियों के दिन थे। एक प्यासा काऔ पानी की तालास में इधर उधर भटक रहा था। बहुत देर बाद इधर उधर भटकने पर उसे एक पानी का घड़ा मिला जिसमें थोड़ा पानी था। लेकिन पानी इतना नीचे था कि काऔ की चोंच पानी तक पहुंच नहीं सकती थी। काऔ ने हार नहीं मानी, उसने आस पास से छोटे छोटे पत्थरों को इकट्ठा किया और एक एक कर पानी के घड़े में डलने लगा। धीरे धीरे पानी उपर आने लगा। पानी उपर आने पर काऔ ने अपनी प्यास बुझाई। नेतिक शिक्षा,- मेहनत और शिक्षा से हर मुश्किल हल होती है। सच बोलने वाला चरवाहा की कहानी एक गांव में चरवाहा लाडका था। जो भेड़ चाराता था एक मंजे के लिए भेड़िया आया भेड़िया आया चिल्लाता था। और गांव वाले आते तो खुव हंसता। एक दिन सच में भैडिआ आ गया। और लडके ने खुव चिलाआ। पर इस बार गांव वाले नहीं आये। और भेडिआ उसकी सारी भेड़ें ले गया। नेतिक शिक्षा - झुंड बोलने पर कोई भारोसा नहीं करता इसलिए सच बोलो। लालची कुत्ता की कहानी एक कुत्ता को हड्डी का टुकड़ा मीरा।वह खुशी खुशी घर जा रहा था। रास्ते में एक नदी आईं। नादी के पानी में उसे अपनी परक्षाई दिखाई दी उसे लगा क...